TAKLA NETA KE MATKE
यह कहानी एक ऐसे बूढ़े आदमी की है, जो गांव में लोगों को रोजगार देता है और उनसे मिट्टी के सुंदर-सुंदर मटके बनवाता है। इस काम में लगे बूढ़े आदमी को उनकी सैलरी टकला नेता देता है और इसी वजह से गांव के कई लोगों का घर चलता है। एक दिन टकला नेता खुद वहां पहुंचकर देखता है कि मटके कैसे बनाए जाते हैं और वहां चल रहे काम का जायजा लेता है।

काम देखकर वह काफी खुश होता है और जाते समय एक मटका खरीदकर अपने घर ले आता है। लेकिन घर पहुंचने के बाद कुछ ऐसा होता है, जिसकी टकला नेता ने बिल्कुल उम्मीद नहीं की होती। काला कद्दू और गोरा कद्दू टकला नेता का खरीदा हुआ मटका तोड़ देते हैं। मटका टूटने के बाद टकला नेता दोनों से नाराज हो जाता है और मामला काफी बढ़ जाता है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि बाद में वही बूढ़ा आदमी भी टकला नेता के पास काला कद्दू और गोरा कद्दू की शिकायत लेकर पहुंच जाता है। आखिर बूढ़े आदमी ने दोनों की शिकायत क्यों की और मटका टूटने के बाद टकला नेता क्या फैसला लेता है? क्या काला कद्दू और गोरा कद्दू अपनी गलती की वजह से किसी बड़ी मुसीबत में फंसने वाले हैं? पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।