GAREEB JHALMUDI WALA
यह कहानी गोरा कद्दू की है, जो सड़क किनारे झालमुड़ी का ठेला लगाकर अपना काम करता है। उसके ठेले के पास ही एक बूढ़ा आदमी बैठकर आराम से अखबार पढ़ रहा होता है। तभी अपने काम से जा रहे टकला नेता की नजर झालमुड़ी के ठेले पर पड़ती है और वह झालमुड़ी खाने के लिए वहां रुक जाता है।

शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहता है, लेकिन अचानक टकला नेता की उस बूढ़े आदमी से किसी बात को लेकर बहस हो जाती है। देखते ही देखते छोटी-सी बहस एक बड़ी लड़ाई में बदल जाती है। बात इतनी बढ़ जाती है कि बूढ़ा आदमी और उसका बेटा दोनों मिलकर टकला नेता की पिटाई करने लगते हैं। टकला नेता को उम्मीद होती है कि उसका बॉडीगार्ड उसकी मदद करने के लिए तुरंत आएगा, लेकिन वह मदद करने नहीं आता है । अब टकला नेता अकेला ही दोनों का सामना करता हुआ नजर आता है। आखिर बूढ़े आदमी और उसके बेटे से टकला नेता की लड़ाई किस वजह से हुई और उसका बॉडीगार्ड उसे बचाने क्यों नहीं आया? पूरी कहानी में आगे क्या होता है, यह जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।