TAKLA NETA KI DIWALI
टकला नेता एक नई मिठाई की दुकान खोलने की तैयारी करता है और मिठाइयां बनाने के लिए सबसे पहले घी खरीदने जाता है। दुकान के लिए सामान लाने के बाद वह अपने कारीगर को स्वादिष्ट मिठाइयां तैयार करने के लिए कहता है। लेकिन इसी बीच किसी बात को लेकर टकला नेता की एक जज से बहस हो जाती है और मामला थोड़ा गरमा जाता है।

इसके बावजूद टकला नेता अपनी मिठाई की दुकान खोल देता है और उसे उम्मीद होती है कि दुकान पर खूब ग्राहक आएंगे। लेकिन दुकान खुलते ही पहले ग्राहक के साथ ही उसकी किसी बात को लेकर लड़ाई हो जाती है और शुरुआत में ही माहौल खराब हो जाता है। दूसरी तरफ काला कद्दू और गोरा कद्दू भी टकला नेता की दुकान पर पहुंच जाते हैं और मौका मिलते ही उसकी मिठाइयां खाने लगते हैं। टकला नेता की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि इसके बाद मामला जज तक पहुंच जाता है। कुछ समय बाद जज की तबीयत खराब हो जाती है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। आखिर जज की तबीयत खराब होने का मिठाई की दुकान से क्या संबंध है? क्या टकला नेता की दुकान की मिठाई के कारण कोई बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है? और काला कद्दू और गोरा कद्दू की हरकतों का इस पूरे मामले में क्या असर पड़ेगा? पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।